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आयरलैंड में भारत के राजदूत पहुंचे बीएचयूः पुरातन छात्र के रूप यादों को किया साझा, कहा- विश्व के शीर्ष संस्थानों में बीएचयू को शामिल कराने का लक्ष्य

Sun, 05 Sep 2021 12:37 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र हैं। वो शनिवार को बीएचयू पहुंचे। राजदूत ने एक पुरातन छात्र के रूप में बीएचयू से जुड़ी अपनी यादों को भी साझा किया। 
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केंद्रीय कार्यालय सभागार में अखिलेश मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने शनिवार को बीएचयू पहुंचकर प्रभारी वीसी समेत अन्य अधिकारियों के साथ संवाद कर शिक्षा के क्षेत्र में विकास से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान अखिलेश मिश्रा ने कहा कि आयरलैंड एक ज्ञान आधारित महाशक्ति के रूप में स्थापित है और भारत का एक विशिष्ट साझेदार है। नवाचार के क्षेत्र में आयरलैंड आगे हैं और दोनों देशों के बीच सम्पर्क, साझेदारी व संवाद बढ़ने से भारतीय शैक्षणिक संस्थानों को काफी लाभ हो सकता है। ऐसा होने पर बीएचयू भी बहुत कुछ साझा कर सकता है। 

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विश्वविद्यालय केंद्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश मिश्र ने कहा कि बीएचयू में न केवल  विश्व स्तरीय शोध एवं अनुसंधान होते हैं बल्कि प्राचीन एवं आधुनिक ज्ञान का अनूठा समागम भी देखने को मिलता है। भारत और आयरलैंड के संबंध गहरा होने के साथ ही ऐतिहासिक महत्व भी रखते हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय के उन क्षेत्रों को चिन्हित करने पर ज़ोर दिया जिन के माध्यम से विश्वविद्यालय को वैश्विक फलक पर ले जाने में मदद मिले। राजदूत ने एक पुरातन छात्र के रूप में बीएचयू से जुड़ी अपनी यादों को भी साझा किया। इस दौरान कुलपति ने अखिलेश मिश्रा और उनकी पत्नी का स्वागत करते हुए उपलब्धियों की चर्चा की।

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अखिलेश मिश्रा ने कहा कि बीएचयू ही एक मात्र विश्वविद्यालय  है, जिसका चयन इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेशन के तहत चयन हुआ है। विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में बीएचयू को शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है।  विश्वविद्यालय में स्थापित अनेक नई सुविधाओं जैसे सीडीसी, अटल इन्क्यूबेशन सेन्टर एवं बीएचयू बायोनेस्ट आदि की चर्चा की।

बताया कि अब शिक्षा के साथ साथ उद्योग जगत के साथ साझेदारी विकसित करना एवं स्टार्ट अप के अनुकूल वातावरण मुहैया कराना भी है। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया। इस दौरान विभिन्न संकायों के प्रमुख आदि लोग मौजूद रहे। 
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