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हिंसा के मामले में मानव पशुओं से आगे : आचार्य महाश्रमण

Fri, 27 Feb 2015 01:41 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
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वाराणसी। जैन श्वेतांबर तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण ने गुरुवार को कहा कि हिंसा के मामले में मानव पशुओं से भी आगे निकल गया है। हथियारों से लैस हो रहे मानव के विनाशकारी रूप पर उन्होंने चिंता जताई। कहा कि पशु तो सिर्फ दो-चार हत्याएं कर सकता है लेकिन परमाणु हथियार से लैस मानव क्षण भर में लाखों लोगों का संहार कर सकता है।
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 ऐसे में अहिंसा धर्म का पालन करने के अलावा कल्याण का दूसरा कोई रास्ता नहीं हो सकता। आचार्य महाश्रमण बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में दोपहर बाद आयोजित राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, मद एवं लोभ से प्रभावित होकर मनुष्य हिंसा करने लगता है। ऐसे में ईमानदारी के मार्ग पर चलना चाहिए। ज्ञान के साथ आचार के विकास पर उन्होंने जोर दिया। कहा कि जब चरित्र सुधरेगा, तब समाज बदलेगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य वृद्ध हो जाता है लेकिन लोभ जवान रहता है।
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ऐसे में नैतिकता का पालन जरूरी है। तामसिक वस्तु के सेवन से मन और मुंह दोनों खराब होता है। ऐसे में भगवान का नाम लेना चाहिए। उन्होंने तालामुक्त भारत बनाने का लोगों से आह्वान किया।
बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने महाश्रमण का अभिनंदन किया। इस मौके पर वाणिज्य संकाय प्रमुख प्रो. आशाराम त्रिपाठी, जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल दुगड़, किशन डगलिया, विहिप के संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव, अहिंसा यात्रा के संयोजक शेषपाल गर्ग, पवन खुराना उपस्थित थे। संचालन डॉ. सुमन जैन ने किया। 27 फरवरी की सुबह स्वतंत्रता भवन से विश्वविद्यालय परिसर में अहिंसा पदयात्रा निकाली जाएगी। 
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