जानकारों के अनुसार, लाखों श्रद्धालुओं के कारण अनगिनत वाहनों ने शहर में प्रवेश किया। इनके धुएं से भी हवा की क्वालिटी बिगड़ी है। साथ ही आतिशबाजी और खस्ताहाल सड़कें भी हवा को प्रभावित कर रही हैं। वाहनों के निकलने पर उड़ने वाली धूल से हवा प्रदूषित हो रही है। लोगों को कहना है कि अर्दली बाजार में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाए गए यंत्र के अलावा पांच और यंत्रों को लगाने की जरूरत है, ताकि वायु की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके।
देव दीपावली के मौके पर शहर में हुई आतिशबाजी की वजह से ही एक्यूआई बढ़ा है। इससे एक बार फिर सांस के मरीजों को परेशानी हो सकती है। विशेषकर वो लोग जो दमा से पीड़ित हैं। ऐसे लोगों को फिलहाल तीन-चार दिन बाहर निकलने से बचना चाहिए। बहुत जरूरत पर मॉस्क लगाकर निकलें। -डॉ. पीके सिंह, फिजीशियन, दीनदयाल अस्पताल