बीएचयू अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब जो जांच रिपोर्ट मिल रही है, उसमें डॉक्टर और जांच की फीस रसीद का नंबर दर्ज होने लगा है। अब तक जो रिपोर्ट मिल रही थी, उस पर न तो डॉक्टर का नाम होता था और न ही फीस रसीद का जिक्र होता था।
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अमर उजाला में दो दिन पहले इस समस्या से जुड़ी खबर छपने के बाद अब लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। सीसीआई लैब में हर दिन करीब आठ हजार से अधिक जांच होती है। इसमें अधिकांश मरीजों के रिपोर्ट में डॉक्टर का नाम नहीं दर्ज होता था।
आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसएन शंखवार ने बताया कि ओपीडी से आने वाले जांच फॉर्म में डॉक्टर का नाम, मुहर अनिवार्य कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों को फार्म में नाम, मुहर लगवाकर ही मरीजों को जांच के लिए भेजना चाहिए।