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डूडा और होमगार्ड कमांडेंट को पता नहीं और उनकी जमीन किसी और की हो गई

Wed, 31 May 2017 04:12 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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भीमनगर में नगर निगम की 302 एयर जमीन के विनिमय का मामला - फोटो : अमर उजाला
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जिला शहरी विकास प्राधिकरण (डूडा) और जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय को पता नहीं चला और उन्हें आवंटित जमीन पर किसी और का कब्जा हो गया। सेंट्रल जेल रोड स्थित नगर निगम की करीब 302 एयर जमीन पर शेल्टर होम और होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है।
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शेल्टर होम तो लगभग बनकर तैयार हो चुका है। इस पर 47 लाख रुपये भी खर्च हो चुके हैं। काम चल ही रहा था कि अपर उप जिलाधिकारी की अदालत ने होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल के पक्ष में नगर निगम की 302 एयर जमीन के विनिमय का आदेश कर दिया।

डूडा और होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय के अधिकारियों को इस विनिमय की जानकारी ही नहीं थी। दोनों सरकारी संस्थाओं ने ऐसा कोई प्रस्ताव भी नहीं दिया था। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पढ़ने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई, जिससे वह हतप्रभ हैं। 
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भीमनगर में नगर निगम की 302 एयर जमीन (करीब डेढ़ बीघा) है। खाली जमीन पर प्रशासन ने शेल्टर होम बनाने का प्रस्ताव बनाया था। शासन ने इसकी मंजूरी देने के साथ ही एक करोड़ 18 लाख का बजट दे दिया। इसके लिए पहली किस्त के रूप में 47 लाख 45 हजार रुपये जारी कर दिए गए, जिसका पूरा काम हो चुका है।

पैसे खत्म होने के कारण पिछले करीब पंद्रह दिनों से काम बंद है। दीवार और जमीन का प्लास्टर का काम बाकी है। वहीं नगर निगम की आठ बिस्वा जमीन जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय बनने के लिए प्रस्तावित है। नगर निगम सदन की बैठक में मंजूरी के बाद इसका निर्माण शुरू होगा।
 
इस जमीन पर डूडा और होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय का बोर्ड भी लगा हुआ है। एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन की ओर से डीएम योगेश्वर राम मिश्र को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक इसी बीच अपर उप जिलाधिकारी बसंत कुमार गुप्ता ने पूर्व सांसद जवाहर लाल जायसवाल के भाई हीरालाल जायसवाल के पक्ष में नगर निगम की 302 एयर जमीन के विनिमय का आदेश कर दिया।

हैरत वाली बात यह है कि हीरालाल की ओर से निगम को जो जमीन दी गई है कि उस पर पहले से ही लोगों के मकान बने हुए हैं। उस जमीन पर कब्जा लेना निगम और प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। 
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मालमें में क्या कहते हैं अधिकारी

नगर निगम की जिस जमीन पर शेल्टर होम बन रहा है, उसका विनिमय करना गलत है। ऐसा किन परिस्थितियों में किया गया, पता लगाया जाएगा। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। 
- योगेश्वर राम मिश्र, डीएम 

 नगर निगम की जमीन पर शेल्टर होम बनाने का काम बजट खत्म होने के कारण कुछ दिनों से बंद है। जिस जमीन पर शेल्टर होम बन गया हो, वह आखिरकार कैसे दूसरे को दी जा सकती है।  
- केएस परिहार, परियोजना निदेशक 

आठ बिस्वा जमीन पर होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय बनाने का मामला नगर निगम की वजह से अटका हुआ है। इधर पता चला जमीन का विनिमय कर दिया गया है। ये सब कैसे हुआ, पता नहीं। 
- केएस पांडेय, होमगार्ड कमांडेंट

नियम-कानूनों का पालन करते हुए जमीन का विनिमय किया गया है। इससे जुड़े सभी कागजात हमारे पास उपलब्ध हैं। कोई कुछ भी कहे, कहता रहे। हमने कुछ भी गलत नहीं किया गया है। 
- हीरालाल जायसवाल


फैसला हो सकता है रिस्टोर
एसीएम चतुर्थ त्रिभुवन ने डीएम और कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट में विनिमय की गई जमीन को नगर निगम के पक्ष में देने का सुझाव दिया है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि नगर निगम के प्रस्ताव के बिना आखिरकार उसकी जमीन पर विनिमय का आदेश कैसे दे दिया गया। 
 
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