वाराणसी। क्यूएस सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग आईआईटी बीएचयू को इस साल 112 रैंक और बीएचयू को 316 रैंक की उछाल मिली है। आईआईटी बीएचयू ने पिछले वर्ष की 784वीं रैंक की तुलना में इस बार 672वीं रैंक हासिल की है। जबकि भारत के 103 संस्थानों में 21वीं रैंक मिली है। इसमें भी पांच स्थान की बढ़ोतरी हुई है।
दूसरी ओर बीएचयू को 901-910 रैंक सीरीज के मुकाबले इस बार 594वीं रैंक मिली है। पर्यावरण सस्टनेबिलिटी में आईआईटी बीएचयू को 42.7 अंक और बीएचयू को 27.8 अंक मिले हैं। आईआईटी बीएचयू के इंस्टीट्यूट रैंकिंग्स कमेटी के वाइस-चेयरमैन प्रो. विकाश कुमार दुबे ने कहा कि यह बेहतरी संस्थान के शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान, परिसर विकास और संस्थागत प्रशासन में बढ़ते एकीकरण के चलते दिख रही है।
एनवायरनमेंटल इंपैक्ट मीट्रिक में संस्थान ने पिछले वर्ष की वैश्विक रैंक 667 से बढ़कर इस वर्ष 492वीं रैंक प्राप्त की है, जो पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सतत उपयोग में बढ़ते प्रयासों को दर्शाती है। एनवायरनमेंटल रिसर्च पैरामीटर के तहत आईआईटी बीएचयू की रैंक 487 से सुधरकर 478 हो गई है। एम्प्लॉयबिलिटी एंड ऑपर्च्युनिटी सूचक में भी पिछले वर्ष के 1001+ समूह से बढ़कर इस वर्ष वैश्विक रैंक 687 मिली है। जो सामाजिक प्रभाव और अवसर सृजन में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, सतत नवाचार और सामाजिक प्रभाव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। हम परिसर को और अधिक हरित, ऊर्जा-कुशल एवं सतत बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रहे हैं। इससे अच्छी रैंक हो इसके लिए काम किया जाएगा। - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक