छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी पक्ष से गवाह नहीं पेश हो सके। बचाव पक्ष ने तबीयत खराब होने का हवाला दिया। ऐसे में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की।
फास्टट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में शुक्रवार को बीएचयू आईआईटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सुनवाई हुई। आरोपित कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से सफाई साक्ष्य के लिए गवाह पेश नहीं हो सके। बचाव पक्ष ने गवाह की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए अगली तिथि देने की मांग की।
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अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की। पिछली सुनवाई पर बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य के लिए दो गवाहों को तलब करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत ने आवेदन स्वीकार किया था।
बचाव पक्ष की ओर से संतोष कुमार त्रिपाठी, तत्कालीन आईआईटी पोस्ट बीएचयू पर तैनात सुरक्षाकर्मी और सौरभ सिंह को गवाह के तौर पर तलब करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपी मौजूद रहे। 2 नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में आईआईटी की छात्रा के साथ बाइक सवार तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
पीड़िता की तहरीर पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना के दौरान सुंदरपुर बृज एन्क्लेव कॉलोनी निवासी कुणाल पांडेय, जिवधिपुर-बजरडीहा निवासी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल के नाम प्रकाश में आए, जिसके बाद तीनों को मामले में आरोपी बनाया गया।