एंपॉवर्ड कमेटी लेगी अंतिम फैसला
आईआईटी-बीएचयू के विभागों, स्कूलों और केंद्रों को हर सेमेस्टर से पहले डीन अकादमिक मामलों (डीओएए) को अपनी जरूरतें प्रस्तुत करनी होंगी। इसके बाद संभावित छात्रों से आवेदन आमंत्रित किया जाएगा। आवश्यकतानुसार, छात्रों का अस्थायी चयन करना होगा। इसकी अंतिम मंजूरी संस्थान की एक एंपॉवर्ड कमेटी द्वारा दी जाएगी। आईआईटी-बीएचयू उन छात्रों को इस स्कीम का फायदा नहीं देगा, जो पहले से ही किसी प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं।