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ताक पर नियम-कायदे: 35 प्रतिशत कमीशन से बंद है अधिकारियों का मुंह, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

Sat, 14 Sep 2024 01:09 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले में बलुआ घाट पर मजदूर की दबकर मौत होने के बाद से शहल में चल रहे निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। 
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document - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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वाराणसी शहर में चल रहे पर्यटन विभाग के निर्माण कार्यों में मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक विभाग में 35 प्रतिशत तक कमीशन तय होता है। ऐसे में काम की गुणवत्ता खराब होना लाजमी है। इसका नमूना बलुआ घाट पर देखने को मिला।

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एजेंसियों को काम देने वालों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता से नहीं बल्कि अपने कमीशन की फिक्र रहती है। यही कारण है जितनी तत्परता हिस्सा बंटोरने में दिखाते हैं उतनी की तत्परता निर्माण कार्यों की नियमित जांच में दिखते तो इस प्रकार से किरकिरी न होती। घटना के बाद लकीर पीटने के लिए जांच और कुछ दिनों के लिए संबंधित लोगों को इधर से उधर कर दिया जाएगा। कुछ दिन बाद जब मामला ठंडा हो जाएगा तो फिर से यह खेल शुरू हो जाएगा।

पर्यटन विकास के लिए 90 करोड़ रुपये सारनाथ में प्रो पुअर योजना को अंजाम दिया जा रहा है। आए दिन कोई न कोई समस्या यहां आती रहती है। कभी बिजली का पोल गिर जाता है तो कभी सड़क धंस जाती है। कभी सीवर ओवरफ्लो करने लगता है। इसी प्रकार सामनेघाट घाट का निर्माण कार्य 7 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। यहां पर भी कभी घाट के पत्थर टूट जाते हैं तो कभी सीमेंट बह जाती है। 

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मांडव तालाब का सुंदरीकरण कार्य 3 करोड़ से कराया जा रहा है। यहां भी केवल मिट्टी निकालकर छोड़ दिया गया है। आसपास का सीवर इसी में जा रहा है। पिशाच मोचन कुंड का कार्य 3 करोड़ से कराया गया। अब वहां की हालत किसी से छिपी नहीं है। यहां की स्थिति बद से बदतर हो गई है। संत गुरु रविदास जन्मस्थली सीरगोवर्धन में कार्य कराया जा रहा है। यहां की आए दिन कोई न कोई समस्या आ रही है।

अधिकारी बोले
बलुआ घाट पर चल रहे निर्माण कार्य की जांच की जा रही है। प्रशासन और यूपीपीसीएल की ओर से कार्रवाई की जा रही है। कार्यदायी एजेंसियों के कार्यों की मॉनीटरिंग की जा रही है। इसके अलावा जो भी गड़बड़ी होगी उसे दूर कराया जाएगा। -आरके रावत, उप निदेशक पर्यटन
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