सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की ओर से काव्यार्चन की 43वीं कड़ी का आयोजन मंगलवार को अस्सी घाट पर किया गया। वरिष्ठ रचनाकार बीना राय की अध्यक्षता में पूर्वांचल के विभिन्न शहरों के रचनाकारों ने अपनी समृद्ध रचना का पाठ किया। काव्यपाठ की शुरुआत पूजा श्रीवास्तव ने की। उनकी रचना प्रीत तुम्हारी मांग में भरकर सजना अच्छा लगता है, नाम की तेरे चूड़ी बिंदी, कंगन अच्छा लगता है... को श्रोताओं से विशेष प्रशंसा मिली।
सत्यवान साहब ने अपनी रचना ओट बादल के लिए चांद झांकता जैसे, वैसे ही आप हर एक ओर नजर आते हैं... के माध्यम से अपने मन की बात रखी। कृष्णा पांडेय ने प्रेम संसार की नायिका राधिका, पीर की हो गई गायिका राधिका... से अपने मनोभावों को अभिव्यक्ति दी। चेतना तिवारी ने इस धरती की बच्चे लाज अब ऐसी आस लगाए कौन... के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। समापन बीना राय के काव्य पाठ से हुआ। स्वागत जगदीश्वरी चौबे एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. महेंद्र तिवारी अलंकार ने किया। वरिष्ठ साहित्यकार कुमार सुधीर, एड. रुद्र त्रिपाठी, सूर्यकांत त्रिपाठी, रितु दीक्षित ने रचनाकारों को प्रमाण पत्र प्रदान किया। धन्यवाद ज्ञापन अरविंद मिश्र ने किया।