लोकाचार के बाद सीधे गर्भगृह में ही विराजमान कराई जाती रही है प्रतिमा
वाचस्पति ने कहा कि विदाई लोकाचार के बाद प्रतिमा गर्भगृह में ही रखी जाती थी, लेकिन उसे मंदिर में रखवा दिया गया। मंदिर प्रशासन ने परंपरागत प्रतिमा तक काशीवासियों को नहीं जाने दिया। शंकराचार्य चौक पर मंदिर प्रशासन ने परंपरागत प्रतिमा रखने का भ्रम फैलाया।
बोले अधिकारी
अब तो रंगभरी का उत्सव समाप्त हो चुका है। इस मामले में कुछ नहीं कहना है। - विश्वभूषण मिश्र, सीईओ, विश्वनाथ मंदिर