गंगा की लहरों पर चलने वाले क्रूज के बेड़े में हाइड्रोजन जलयान भी जुड़ेगा। ऐसी चर्चा है कि हाइड्रोजन जलयान का भी संचालन यही कंपनी करेगी। शिपयार्ड से चार सदस्यीय टीम परीक्षण के बाबत आईडब्ल्यूएआई अधिकारियों संग मंथन कर रही है। एजेंसी चयनित होने के बाद ही किराया और यात्रियों की क्षमता का निर्धारण होगा।
हाइड्रोजन जलयान के लिए प्लांट की प्रक्रिया शुरू
हाइड्रोजन उत्पादन के लिए बंदरगाह परिसर में ही हाइड्रोजन प्लांट आदि बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले दिनों पहुंचे सागरमाला के एमडी समेत अन्य अधिकारियों की टीम ने बंदरगाह परिसर और प्लांट के लिए चिह्नित स्थल का जायजा लिया है। पर्यटन विभाग, नगर निगम, वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड और आईडब्ल्यूएआई की गठित समिति के फैसले के बाद ही संचालन पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।