संसद से कानून बनने के बाद शनिवार को तीन तलाक से जुड़ा पहला मामला बड़ागांव थाने में आया। दहेज की मांग पूरी न होने पर पंचायत के बाद आठ माह पुरानी शादी को तोड़ते हुए पति ने थाने के बाहर ही पत्नी को तीन तलाक दे दिया। प्रकरण को लेकर बड़ागांव थाने में पति, सास, ससुर, देवर और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बड़ागांव थाना अंतर्गत बसनी गांव निवासी अब्दुल सलाम उर्फ मुन्ना की बेटी सबाना बेगम ने बताया कि उसकी शादी पांच दिसंबर 2018 को जौनपुर जिले के रामपुर थाना के औरा निवासी मकसूद के साथ हुई थी। विदाई के बाद से ही ससुराल में पति सहित अन्य लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे।
दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल के लोगों ने सबाना को मारपीट कर बीती 30 जुलाई को घर से निकाल दिया। चार अगस्त को प्रकरण की शिकायत बड़ागांव थानाध्यक्ष से की गई तो उन्होंने मकसूद को बुलाकर दोनों पक्षों की पंचायत कराई।
सबाना ने बताया कि पंचायत से उठ कर मकसूद बड़ागांव थाने के बाहर आया और उसे तीन बार तलाक कह कर अपने घर चला गया। मकसूद ने अपनी बहन, भाई और मां-बाप की साजिश में शामिल होकर उसे तीन तलाक दिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष बड़ागांव संजय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज तफ्तीश शुरू कर दी गई है।