एचआरडी मंत्री ने बीएचयू में पीएम मोदी की पुस्तक का किया विमोचन
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कविता में अद्भुत ताकत होती है। उसमें थोड़े शब्दों में जीवन का बड़ा अर्थ निहित होता है। इसके लिए सृजनशील मन और विचार होना जरूरी है। रविवार को बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजराती भाषा में पुस्तक ‘आंख आ धनयम छे’ का संस्कृत अनुवाद ‘नयनम् इदम् धनयम्’ के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे।
पीएम मोदी की कविता को हिंदी में सुनाया और कहा कि उनकी कविताओं में प्राकृृतिक सौंदर्य का सजीव चित्रण, और संवदेनशीलता झलकती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताएं भी हृदयस्पर्शी हैं। कहा कि अंग्रेज नहीं चाहते थे कि भारतीय उच्च शिक्षा ग्रहण करें। इसीलिए गांधी, नेहरू और डॉ. सर सैय्यद ने राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन चलाया और मालवीय जी ने बीएचयू जैसी राष्ट्रीय संस्थान की आधारशिला रखी। कहा कि पीएम के पर्यावरण तथा प्रकृृति प्रेम के चलते ही भारत विश्व पटल पर पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगारपरक न होकर एक अच्छा इंसान बनाने वाली होनी चाहिए। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल का संदेश पढ़ा गया। कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यह गौरव की बात है कि प्रधानमंत्री की रचित काव्य संग्रह पुस्तक के संस्कृत भाषा में अनुवाद का विमोचन मालवीय जी के संस्थान में हो रहा है। इससे संस्कृत भाषा सशक्त और मजबूत होगी। कार्यक्रम का संचालन प्रो पी. रविंद्रनाथ ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कुमार पंकज ने दिया। कुलपति ने प्रकाश जावडेकर तथा विदुषी डॉ. राजलक्ष्मी श्रीनिवासन को अंगवस्त्र और स्मृृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।