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आने वाला है फेस्टिव सीजन, साइबर ठगी से बचने के लिए ऐसे बरतें सावधानी

Sun, 30 Sep 2018 12:54 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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फेस्टिव सीजन आते ही साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी आई है। सतर्कता से ही इससे बचा जा सकता है। अगर कोई आपसे फोन पर आपके अकाउंट डीटेल्स पूछे या फिर त्योहारी सीजन या अन्य मौकों पर बल्क में लोगों को सस्ती या लुभावने ऑफर पर शॉपिंग का ई-मेल भेजते हैं। इसके जरिए आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। ठग मेल के जरिए अपनी फेक वेबसाइट का लिंक भेज सकते हैं या फिर आपके खाते की जानकारी लेकर उसका फायदा उठा सकते हैं। 
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ठगी से ऐसे बचें

cyber crime
- प्रतिष्ठित वेबसाइट से ही करें शॉपिंग
- कैश ऑन डिलीवरी मंगाएं प्रोडक्ट
- सस्ते उत्पाद या इनाम के लालच में भी ऑनलाइन बुकिंग करने से बचें
- वेबसाइट की हेल्पलाइन और डिलीवरी मैन का मोबाइल नंबर जरूर लें
- एचटीटीपीएस साइट से ही बुकिंग कर क्रेडिट या डेबिट कार्ड से करें भगुतान
- ऑनलाइन खरीदे उत्पाद की पॉलिसी के बारे में जानकारी करें

ये भी रखें ध्यान

साइबर क्राइम
- आप अपने कंप्यूटर में अगर इंटरनेट का प्रयोग करते हैं तो सबसे पहले आप अपने पर्सनल कंप्यूटर को पासवर्ड से सुरक्षित कीजिए।
- हमेशा बहुत स्ट्रांग पासवर्ड का प्रयोग करें क्योंकि साइबर क्रिमिनल प्रोग्रामर ऐसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का निर्माण करते हैं जो आपके साधारण से पासवर्ड को आसानी से गेस कर सकता है।
- अगर आप एक से अधिक अकाउंट्स का प्रयोग करते हैं तो सभी के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें। अपना पासवर्ड कभी भी अपने नाम, पता, गली नंबर, जन्म तिथि, परिवार के सदस्यों के नाम, विद्यालय के नाम या अपने वाहनो के नंबर पर न बनाएं जिसका दूसरों के द्वारा आसानी से अनुमान न लगाया जा सके।
- अपने इंटरनेट बैंकिंग और बैंकिग ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़-भीड़ वाले स्थान पर न करें। किसी भी प्रकार के बैंकिंग लेनदेन के लिए आप अपने पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें।
- बैंकिंग यूजर नेम, लॉगिन पासवर्ड, ट्रांजेक्शन पासवर्ड, ओटीपी, गोपनीय प्रश्नों या गोपनीय उत्तर को अपने मोबाइल, नोटबुक, डायरी, लैपटॉप या किसी कागज पर न लिखें।
- ई-मेल के द्वारा कभी भी आप अपने गोपनीय और महत्वपूर्ण जानकारी को ना भेजें क्योंकि हैकर्स हैक कर इस जरूरी दस्तावेज को बीच में पढ़ भी सकते हैं।
- सोशल मीडिया के अकाउंट को देखते रहें। अगर कभी आप अपने सोशल साइट्स के अकाउंट को डिलीट कर रहे हैं तो उससे पहले आप अपनी सारी पर्सनल जानकारी को डिलीट कर दें और फिर उसके बाद आप अपना अकाउंट डीएक्टिवेट करें या डिलीट करें।
- आप किसी भी स्पैम ई-मेल का उत्तर न दे। अंजान ई-मेल में आए अटैचमेंट्स को कभी खोल कर न देखें या उस पर मौजूद लिंक पर क्लिक न करें। इसमें वायरस या ऐसा प्रोग्राम हो सकता है जिसको क्लिक करते ही आपका कंप्यूटर उनके कंट्रोल में जा सकता है या आपके कंप्यूटर में वायरस के प्रभाव से कोई जरूरी फाइल डिलीट हो सकती है और आपका ऑपरेटिंग सिस्टम करप्ट हो सकता है।
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साइबर ठगी की यहां करें शिकायत

प्रतीकात्मक तस्वीर
- 100 नंबर 
- नजदीकी थाने पर
- एसएसपी कार्यालय
- क्राइम ब्रांच
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