नगर निगम सीमा में जीआईएस सर्वे में 38 हजार बिना पते के मकान चिह्नित किए गए हैं। इनके पास मकान नंबर ही नहीं है। ये नगर निगम के गृहकर के रिकॉर्ड में भी नहीं हैं। वहीं, 22 हजार संपत्तियां खाली प्लॉट हैं। ज्यादातर मकान और संपत्तियां भेलूपुर और वरुणा पार जोन में हैं।
वर्तमान में नगर निगम 2.21 लाख भवनों का गृहकर जारी करता है। सर्वे में 2.81 संपत्तियां चिह्नित हुई थीं। इनमें कुल 60 हजार खाली प्लॉट और नए मकान शामिल हैं। जिनके पास नंबर नहीं हैं। इन पर नगर निगम का गृहकर बकाया भी है। ऐसे मकान मालिकों ने कई साल से गृहकर नहीं दिया है।
कई मकान तो 20 साल पुराने हैं। गृहकर वसूली का ग्राफ गिराने में नगर निगम जोन के अफसरों की लापरवाही है। सही ढंग से जांच की जाती तो राजस्व को नुकसान नहीं होता। जीआईएस सर्वे में अफसरों की कमियां उजागर हुईं।