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होटल-लाज फुल, मुंहमांगे किराये पर भी नहीं मिल रहीं गाड़ियां

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वाराणसी। चुनावी संग्राम के बीच अंतिम रण के लिए दिग्गज नेताओं ने बनारस में डेरा डालना शुरू कर दिया है। सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी के लिहाज से पर्यटकों की आवाजाही लगी है, वहीं चुनावी बिसात बिछाने को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी आना शुरू कर दिया है। लिहाजा, शहर के होटल, गेस्ट हाउस और लॉज फुल हो चुके हैं।
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अंतिम समय में प्रचार-प्रसार के लिए मुंहमांगे किराये पर भी नेताओं को गाड़ियां नहीं मिल रहीं हैं। ट्रेवल संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं तारांकित होटलों का टैरिफ प्लान भी बढ़ गया है। पूर्वांचल का केंद्र होने के चलते पिछले हफ्ते से ही शहर में वीआईपी नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है। विभिन्न जिलों में रैली और जनसभा के बाद नेताओं का ठिकाना बनारस ही है। यही वजह है कि होटलों में सभी रूम बुक हो चुके हैं। छोटे-बडे़ सभी होटल, गेस्ट हाउस और लाज, धर्मशाला तक में जगह नहीं मिल पा रही है। पेईंग गेस्ट हाउस तक का सहारा लेना पड़ रहा है।
यही हाल छोटी और बड़ी गाड़ियों का भी है। टूरिस्ट गाड़ियां भी चुनाव में इस्तेमाल की जा रही हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने क्षेत्र में ताकत झोंकने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एक-एक गाड़ी सौंप दी है। अभी भी कई गाड़ियों की मांग की जा रही है, लेकिन ट्रेवेल्स संचालक अब हाथ खड़े कर चुके हैं। कुछ गाड़ियां आरटीओ ने मंगवा ली हैं। बनारस होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा ने बताया कि अंतिम चरण चुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, वीआईपी का जुटान शहर में होने लगा है। इसके चलते लगभग सभी होटल बुक हो चुके हैं। बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के अनुसार चुनाव में गाड़ियों की मांग बहुत आ रही है।
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एक नजर
शहर में छोटे-बड़े लगभग 500 होटल
एक हजार से अधिक गेस्ट हाउस
लगभग 300 धर्मशाला-लाज
200 से अधिक हैं होम स्टे
ट्रेवेल्स की 5000 छोटी-बड़ी गाड़ियां
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