फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: छेड़खानी के आरोपी हॉस्टल संचालक को भेजा गया जेल, छात्राओं ने खाली किए कमरे, कठोर कार्रवाई की मांग

Thu, 31 Aug 2023 09:19 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के राजघाट इलाके में रहने वाले पूर्व पार्षद के बेटे और खुद को भाजपा नेता बताने वाले मनीष अग्रहरि अपने घर में गर्ल्स हॉस्टल संचालित करता है। हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा ने बुधवार को मनीष के खिलाफ छेड़खानी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। 
विज्ञापन
छेड़खानी का आरोपी गिरफ्तार (सांकेतिक) - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी के राजघाट इलाके में छात्रा के साथ छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार किए गए हॉस्टल संचालक मनीष अग्रहरि का गुरुवार को आदमपुर थाने की पुलिस ने चालान किया। इसके साथ ही पीड़िता छात्रा और अन्य छात्राएं हॉस्टल खाली कर दूसरे स्थान पर रहने के लिए चली गईं। उधर, घटना की जानकारी पाकर कानपुर की रहने वाली छात्रा के परिजन भी बनारस पहुंच गए। छात्रा के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन


राजघाट इलाके में रहने वाले पूर्व पार्षद के बेटे और खुद को भाजपा नेता बताने वाले मनीष अग्रहरि अपने घर में गर्ल्स हॉस्टल संचालित करता है। हॉस्टल में रहने वाली कानपुर की रहने वाली एक छात्रा  बुधवार को मनीष अग्रहरि के ऊपर छेड़खानी का आरोप लगाया था।

छात्रा की तहरीर पर आदमपुर थाने में हॉस्टल संचालक मनीष अग्रहरि के खिलाफ छेड़खानी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इंस्पेक्टर आदमपुर अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि सात वर्ष से कम की सजा का अपराध होने का कारण आरोपी का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया था।

विज्ञापन

हाथ की नस काटने वाली बीएचयू की शोध छात्रा खतरे से बाहर

बीएचयू के न्यू पीएचडी छात्रावास में रहने वाली शोध छात्रा ने बुधवार को हाथ की नस काट ली। घटना की जानकारी होने के बाद साथ रहने वाली छात्राओं और वार्डन ने उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, छात्रा खतरे से बाहर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना की सूचना छात्रा के परिजनों को दी है। कला संकाय की शोध छात्रा झारखंड की रहने वाली है।
विज्ञापन

उसे पीएचडी में दाखिला लिया था, लेकिन विषय का चयन नहीं हुआ था। न तो आरडीसी हुई और न ही पंजीकरण पत्र मिला। फेलोशिप भी नहीं मिल रही है। इससे परेशान थी। साथ पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया कि छात्रा के परिजनों का फोन आया और बताया कि वह फोन नहीं उठा रही है। सब हॉस्टल गए तो पता चला कि उसने अपने हाथ की नस काट ली है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें