शुभ कार्य को करने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। होलाष्टक कल से आरंभ हो रहा है। यह 9 मार्च को होलिका दहन के साथ ही समाप्त हो जाएगा। अर्थात आठ दिनों तक होलाष्टक का दोष रहेगा। इस दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीनदयाल कौशल केंद्र के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार होलाष्टक को ज्योतिष की दृष्टि से एक होलाष्टक दोष माना जाता है जिसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित हैं।
इस दौरान विवाह, नवनिर्माण व नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए। अर्थात इन दिनों में किए गए कार्यों से कष्ट, अनेक पीड़ाओं की आशंका रहती है तथा विवाह आदि संबंध विच्छेद और कलह का शिकार हो जाते हैं या फिर अकाल मृत्यु का खतरा या बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।