इधर, मटरू राय ने सुबह ही अपने अधिवक्ता अनुज यादव, विकास सिंह और मनीष राय के संग कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 23 जुलाई 2021 को चेतगंज थाना के पिशाचमोचन में कबाड़ व्यवसायी मुकेश साहू ने मटरू राय पर गेट चोरी करने का मुकदमा दर्ज कराया था, उसी मुकदमे में हुकुलगंज निवासी मटरू राय ने कोर्ट में सरेंडर किया।
मटरू के ऊपर कैंट, लालपुर-पांडेयपुर, मंडुवाडीह, लंका, भेलूूपुर समेत अन्य थानों में हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में 13 मुकदमे दर्ज हैं। रंगदारी मामले में वांछित नदेसर निवासी काशी सिंह भी अब सरेंडर करने की जुगाड़ में है। अधिवक्ताओं के संपर्क में है। हालांकि पुलिस उसके शरणदाताओं, रिश्तेदारों और घर पर लगातार दबिश दे रही है।
स्ट्रीशीटर मटरू राय, काशी सिंह समेत चार के खिलाफ चेतगंज थाने में रंगदारी, दुकान कब्जाने समेत अन्य आरोपों में एक और मुकदमा दर्ज हुआ। हथुआ मार्केट के दुकानदार ने 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अब काशी सिंह समेत उसके रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही है।
जगतगंज धूपचंडी निवासी राहुल सिंह के अनुसार उसकी हथुआ मार्केट में कपड़े की दुकान है। पिता रवींद्र नाथ सिंह ने 1982-83 में हथुआ मार्केट के मालिकान से नौ और दस नंबर की दुकान लेकर अनुपम टेक्सटोरियम फर्म के नाम से साड़ी का कारोबार शुरू किया।
पिता ने साल 2006 में नदेसर निवासी काशी सिंह से 25 लाख रुपये दो प्रतिशत ब्याज पर लिए। इस बीच काशी सिंह ने सौ रुपये का एक गैर न्यायिक स्टांप पर तैयार किया और दुकान पांच वर्षों के लिए काशी सिंह की पत्नी के नाम से सरेंडर किया गया। तय हुआ कि पांच साल में कर्ज की रकम चुकता करने के बाद फिर से नौ नंबर की दुकान वापस ली जाएगी।
राहुल सिंह का आरोप है कि कर्ज लेने के कुछ माह बाद ही काशी सिंह, रमेश राय उर्फ मटरू, अजय सिंह उर्फ लंबू और प्रेमशंकर सिंह उर्फ मीठे के आतंक व दबाव के बाद घर का गहना, अपना बिरदोपुर स्थित फ्लैट नंद नगर क\लोनी स्थित मकान बेचकर मूलधन व ब्याज वापस कर दिया, लेकिन काशी सिंह और उनके गुर्गे बार-बार हिसाब करके चक्रवृद्धि ब्याज और रंगदारी आदि के रूप में डरा-धमका कर रुपये लेते रहे।
आरोप है कि फ्लैट की रजिस्ट्री काशी सिंह ने अपनी पत्नी कुसुम सिंह के नाम से करा दी। 2016 में दुकान संख्या 10 पर भी कब्जा कर लिया। 2007 में एक सादे नोटोरियल पेपर व कुछ अन्य पेपर पर हस्ताक्षर कराया। धमकी दी कि अभी मूलधन 25 लाख रुपया और दोगे तब जान बचेगी, नहीं तो पूरे परिवार की हत्या करवा देंगे। अब तक करीब 70-80 लाख रुपया दिया जा चुका है, कुछ धनराशि की काशी सिंह व मटरू की लिखित पावती भी है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार काशी सिंह और उसके रिश्तेदार सहित तीन की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।