उसके ऊपर पानी की टंकी रख कर और टोटी लगाकर वजू के लिए व्यवस्था कर दी जाए। इसकी जानकारी पाकर बुधवार को श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास सहित अन्य संगठनों से जुड़े लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध दर्ज कराए।
डीएम पोर्टिको में प्रदर्शन करते लोग
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ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी प्रकरण की वादिनी रेखा पाठक, मंजू व्यास, सीता साहू और लक्ष्मी देवी ने अपने अधिवक्ताओं के साथ बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी ने मुस्लिम पक्ष के बाद उनकी भी बातें सुनीं। वादिनी महिलाओं ने जिलाधिकारी से कहा कि 16 मई 2022 को ज्ञानवापी में एडवोकेट कमिश्नर की कमीशन की कार्रवाई के दौरान प्राचीन शिवलिंग मिला था।
अदालत के आदेश से वह स्थान सील किया गया है। ऐसे में जब यह स्पष्ट है कि वहां हमारी आस्था के प्रतीक आदि विश्वेश्वर का शिवलिंग है तो वहां वजू और शौचालय की सुविधा कैसे उपलब्ध कराई जा सकती है। चारों महिलाओं ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में किसी भी सूरत में शौचालय और वजू की व्यवस्था हमें स्वीकार नहीं है। हम इसका विरोध करते रहेंगे।
जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने कहा कि दोनों पक्षों की बात सुनी गई है। दोनों पक्ष के बीच आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया है। विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही उचित निर्णय लेकर अदालत के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।