गंगा किनारे हेरिटेज को संरक्षित किया जाएगा। साथ ही, घाटों को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को कमिश्नरी कार्यालय में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव आलोक रंजन ने यह जानकारी दी। बताया कि इसके लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से वार्ता हुई है। डीपीआर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इससे पहले मुख्य सचिव ने वरुणा नदी के शास्त्री घाट का निरीक्षण किया और वहां वरुणा कॉरिडोर के तहत चल रहे कामों को समय से पूरा कराने की ताकीद की।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने यहां संचालित योजनाओं को तय समय पर पूरा कराने की खासतौर पर हिदायत दी। दरअसल, बैठक में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने मुख्य सचिव का ध्यान ह्दय, जायका, नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत चल रहे कार्य में आ रही दिक्कतों के बारे में दिलाया। इस पर मुख्य सचिव ने नगर आयुक्त सहित अनय संबंधित अधिकारियों को ताकीद की कि जो भी अड़चनें हैं, उनका निराकरण कराकर कार्यों को हर हाल में समय से पूरा कराया जाए।
ह्दय योजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप न होने पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। इस बारे में पूछे जाने पर नगर आयुक्त ने बताया कि जो सड़कें हृदय योजना से बननी हैं, उन सड़कों पर आईपीडीएस की ओर से भूमिगत केबलिंग का काम चल रहा है। इन कार्यों के पूरा होते ही सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल, प्रधानमंत्री कार्यालय के उप सचिव मयूर माहेश्वरी, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीआईजी डॉ. संजीव गुप्त, जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसएसपी आकाश कुलहरि, नगर आयुक्त डॉ. हरि प्रताप शाही, वीडीए सचिव एमपी सिंह, मुख्य अभियंता सिंचाई राजेंद्र सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी शामिल रहे।