मंडलीय अस्पताल के हृदय रोग विभाग, बाल रोग विभाग, फिजिशियन से लेकर ईएनटी डिपार्टमेंट में डॉक्टर को दिखाने के लिए लोग खड़े रहे। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह के अनुसार ओपीडी में 1000 से अधिक मरीजों ने अपना इलाज करवाया। इसमें करीब 300 मरीजों को उल्टी दस्त, बेचैनी, बुखार, पेट संबंधी अन्य समस्या थी।
इसमें बच्चे भी शामिल रहे। इमरजेंसी में भी 100 से अधिक लोगों का इलाज किया गया। इसमें शहर के अलग-अलग जगहों से चक्कर खाकर गिरे करीब 20 लोगों को एंबुलेंस लेकर आई। बताया कि इलाज के दौरान 10 लोगों ने दम तोड़ दिया।
लावारिस शवों को 72 घंटे रखना जरूरी
मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि अस्पताल की मॉर्च्यूरी में बुधवार की शाम तक 18 शव रखे थे। पुलिस की मदद से पांच शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। 13 शव हैं, जिनको स्ट्रेचर पर रखवाया गया है। इसमें आधे से अधिक लावारिस शव हैं। नियमानुसार लावारिस शव को 72 घंटे रखना जरूरी होता है। इसके बाद पुलिस के माध्यम से उसको पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जाता है।