आरोप लगाया कि ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की ओर से वजूखाने में गंदगी फैलाई जाती है। जबकि वह स्थान हमारे आराध्य भगवान शिव का है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है। साथ ही सर्वे में मिली शिवलिंग की आकृति को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है।
अधिवक्ता ने ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाकी, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन और बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।
अधिवक्ता अनूप सिंह पर हुए हमले के विरोध में गुरुवार को कचहरी में अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। सेंट्रल बार एसोसिएशन सभागार में अधिवक्ता सुबह 11 बजे जुटे और अनूप सिंह पर हमले के विरोध में और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिनभर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
अध्यक्षता अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय व संचालन महामंत्री शशिकांत दूबे ने किया। प्रस्ताव पारित होने के बाद अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए सिविल कोर्ट और कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम पोर्टिको पहुंचे। इस मौके पर अशोक सिंह प्रिंस, संजय सिंह दाढ़ी, अंजनी श्रीवास्तव समेत अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।