इस दौरान डॉ. जय शंकर जय की कृति संत रविदास जीवन परिचय व सामाजिक सरोकार पुस्तक का विमोचन किया। मंदिर के प्रबंधक सतीश कुमार फागुनी ने बताया कि बुधवार को जयंती पर मंदिर परिसर से दिव्य झांकी निकाली जाएगी और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान प्रोफेसर विजय प्रताप सिंह, बबलू, सर्वेश कुमार वर्मा, वीरेंद्र कुमार, सिद्धनाथ शर्मा, डॉ. दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव सहित कई लोग शामिल हुए।
संत रविदास पार्क में रैदासियों ने गुरु की याद में दीपदान किया। मंगलवार की शाम को रैदासी भक्तों की टोली नगवां स्थित संत रविदास पार्क पहुंची। संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीपदान के बाद पूरा पार्क दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। भजन कीर्तन करती हुई रैदासियों की टोली ने नृत्य भी किया।
शाम करीब साढ़े पांच बजे से दीये जलने शुरू हुए और पीली आभा चारों तरफ फैलती गई। श्री गुरु रविदास की प्रतिमा के दर्शन नमन करते श्रद्धालुओं ने दीयों से पवित्र निशान साहब उकेरा तो कहीं तरह-तरह के चिह्न सजाए।
जयंती में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेश में रहने वाले भारतीय भी संत रविदास के दरबार में मत्था टेकने और सेवा करने के लिए आए हुए हैं। कार्यक्रम में आस्ट्रिया में संस्था चला रहे लोग भी सेवा भाव से काशी आए हुए हैं। संस्था के प्रभारी केशव ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लोगों को मास्क और सैनिटाइजर वितरित कर रहे हैं।