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Hariyali Teej 2023: हरियाली तीज आज, मेहंदी लगाकर सोलह श्रृंगार करेंगी महिलाएं, जानें-पूजा का शुभ मुहूर्त

Sat, 19 Aug 2023 12:08 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नीलू मिश्रा ने बताया कि उनका हरियाली तीज का पहला व्रत है। उन्होंने अपनी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सास के लिए लाल साड़ी खरीदी है। व्रत के दिन सास को भेंट करेंगी। मायके से लाल-हरी रंग की चुनरी प्रिंट वाली साड़ी, चूड़ी और शृंगार के सामान के साथ झूला भी आया है।
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हरियाली तीज की धूम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाली तीज की तैयारियों में महिलाएं पूरे उत्साह से जुटी रहीं। कोई मेहंदी लगवाने तो कोई हेयरकट और फेशियल कराने के लिए शुक्रवार को पार्लर पहुंचीं। कई ने तो बाकायदा मेकअप की भी बुकिंग करा रखी है। शुक्रवार को पूरा दिन सुहागिनें तीज की तैयारियों में लगी रहीं।

ब्यूटीशियन गुड़िया ने बताया कि इस बार हरियाली तीज के लिए खास तौर से पीएसी न्यूड लाइट मेकअप की बुकिंग हुई है। उमस वाले मौसम को देखते हुए वाटर प्रूफ एचडी मेकअप की भी महिलाओं ने बुकिंग कराई है। फेशियल, मैनिक्योर-पैडिक्योर के साथ हेयरकट जैसी सर्विसेज महिलाओं ने ली है। हरियाली तीज पर खास ऑफर में हेयर कटिंग, स्पा, फेशियल, थ्रेडिंग, फोरहेड, अपर लिप, वैक्स शामिल हैं। महिलाओं को व्रत में बाहर न निकलना पड़े इसके लिए कई महिलाओं ने होम सर्विस भी बुक करा रखा है।

 

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हरियाली तीज - फोटो : अमर उजाला

हरी और लाल साड़ी होती है इस दिन खास

नीलू मिश्रा ने बताया कि उनका हरियाली तीज का पहला व्रत है। उन्होंने अपनी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सास के लिए लाल साड़ी खरीदी है। व्रत के दिन सास को भेंट करेंगी। मायके से लाल-हरी रंग की चुनरी प्रिंट वाली साड़ी, चूड़ी और शृंगार के सामान के साथ झूला भी आया है। वहीं पूर्णिमा सेठ ने बताया कि वो नौ साल से हरियाली तीज का व्रत रखती आ रही हैं और हर साल हरे रंग की साड़ी ही पहनती हैं।

विशेष पूजा विधि

पं. सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि हरियाली तीज व्रत में सूर्योदय और सूर्यास्त में पूजा करने का विशेष महत्व होता है। महिलाओं को सुबह स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण कर बालू से शिवलिंग बनाकर भस्म चढ़ाकर पूजा करनी चाहिए। इस साल पूजा करने का समय शाम चार बजे से 7:55 तक है। हरी या लाल साड़ी पहनने के साथ ही सोलह शृंगार करने के बाद भगवान को भोग में दूध, दही, बेलपत्र, सफेद फूल, मदार का फूल, शहद, दूध की बनी मिठाई और माता पार्वती को साड़ी के साथ शृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। कथा भी सुननी चाहिए।

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