उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के प्रदेश को-ऑडिनेटर अरमान अहमद और मास्टर हज ट्रेनर अदनान खान ने बताया कि 2019 से काशी से काबा की उड़ानें बंद हैं। इस बार भी कम संख्या बताकर हज कमेटी ने वाराणसी इंबार्केशन बंद कर दिया। 2020-21 में कोरोना के चलते देशभर में हजयात्रा स्थगित रही। इसके बाद 2022 में हजयात्रा शुरू हुई, मगर हर देशों से हजयात्रियों की संख्या घटा दी गई। नतीजा, बनारस से 171 लोग हजयात्रा पर गए। 2023 में बनारस से हजयात्रा शुरू करने की तैयारी थी लेकिन, अंतिम वक्त में गो एयर के डिफाॅल्टर होने के बाद जायरीन को लखनऊ से भेजा गया। 2024 में एक बार फिर से वाराणसी इंबार्केशन से उड़ानें शुरू करने की घोषणा हुई लेकिन आवेदन फॉर्म भरे जाने के दौरान वाराणसी का नाम ही नहीं था।
14 सालों तक गईं काशी से काबा की उड़ानें
काशी से काबा की उड़ान 2007 से शुरू हुई और 2019 तक लगातार गईं। अदनान खान ने बताया कि 2007 के पहले लखनऊ से जायरीन जाते थे। हज कमेटी से मांग के बाद वाराणसी को इंबार्केशन बनाया गया था।
हज करना इस्लाम में फर्ज है। मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने बताया कि हज इस्लाम का चौथा अरकान है।
जिले आवेदन (2024)
वाराणसी 571
सोनभद्र 27
प्रयागराज 568
मिर्जापुर 49
मऊ 326
महाराजगंज 140
कुशीनगर 55
कौशाम्बी 93
जौनुपर 107
गोरखपुर 226
गाजीपुर 212
देवरिया 80
चंदौली 92
भदोही 88
बलिया 63
आजमगढ़ 306
वर्ष जाने वालों की संख्या (पूर्वांचल)
2023 लखनऊ से
2022 लखनऊ से
2021 निरस्त (कोविड)
2020 निरस्त (कोविड)
2019 2603
2018 3540
2017 5072
2016 3720
2015 3961