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हजयात्रा : इस बार 16 जिलों से 2167 जायरीन जाएंगे मुकद्दस हज पर, 10 साल में 50 फीसदी घटी संख्या; यह है कारण

Thu, 24 Oct 2024 10:50 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : मुकद्दस का सफर हज को जाने वाले जायरीनों की संख्या काफी घट गई है। यही कारण है कि वाराणसी में इस बार सभी आवेदनकर्ताओं का चयन कर लिया गया। हजयात्रा की सब्सिडी खत्म होने के कारण आवेदन कम आए हैं। 
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काशी से काबा की उड़ानें बीते पांच साल से बंद हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वांचल से मुकद्दस सफर हज पर जाने वालों की तादाद साल दर साल घटती जा रही है। कभी पूर्वांचल भर से चार से पांच हजार तक जायरीन जाते थे। मगर, ये संख्या घटकर अब आधी हो गई है। नतीजतन इस बार जितने भी आवेदन आए, सभी का चयन कर लिया गया। लॉटरी की सिर्फ औपचारिकता ही पूरी गई। इस बार पूर्वांचल के 16 जिलों के 2167 जायरीन हज पर जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा वाराणसी से 698 और सबसे कम सोनभद्र के 21 जायरीन शामिल हैं। 

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काशी से काबा की उड़ानें बीते पांच साल से बंद हैं। पूर्वांचल भर के जायरीन यहीं से उड़ान भरते थे। मगर, वाराणसी इंबार्केशन खत्म होने के बाद जायरीन लखनऊ एयरपोर्ट से जाते हैं। इन सबके चलते किराया समेत तमाम खर्च बढ़ गए हैं। हजयात्रा की सब्सिडी खत्म कर दी गई। ऐसे में लगातार आवेदन कम होने लगे। अब आलम ये है कि अब पूर्वांचल से जायरीन का कोटा भी पूरा नहीं हो पा रहा है।

उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के प्रदेश को-ऑडिनेटर अरमान अहमद और मास्टर हज ट्रेनर अदनान खान ने बताया कि बनारस से हजयात्रा बंद होने से किराया महंगा और खर्च बढ़ने से आवेदन घटे हैं।  

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हज सफर - फोटो : अमर उजाला
2019 से काशी से काबा की उड़ानें बंद 
2019 से काशी से काबा की उड़ानें बंद हो गईं। तबसे फिर शुरू नहीं हुई। अदनान खान ने बताया कि कई बार यहां से दोबारा इंबार्केशन शुरू कराने की मांग की गई। 2023 में वाराणसी से उड़ानें शुरू करने की तैयारी थीं लेकिन अंतिम वक्त में कैंसिल कर दी गई। 

हजयात्रा से पहले 466 जायरीन की सेहत की हुई जांच
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के निर्देश पर पूर्वांचल हज सेवा समिति की निगरानी में तीन दिनों तक लगे हज कैंप का बुधवार को समापन हुआ। कुल 466 जायरीन की सेहत की जांच हुई और उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया। 

जामिया अस्पताल पीलीकोठी और जनता सेवा अस्पताल रेवड़ी तालाब में डॉ. राशिद जमाल, डॉ. आशीष कुमार ओझा की टीम ने जायरीन के बीपी, शुगर, ब्लूड, चेस्ट का एक्स-रे आदि की जांच की। जिन जायरीन के बीपी व शुगर बढ़े थे उनको नियमित दवा खाने और खानपान पर ध्यान रखने की सलाह दी गई। जामिया अस्पताल में 232 और जनता सेवा अस्पताल में 234 जायरीन के स्वास्थ्य की जांच की गई।
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हज यात्रा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
इस बार आए आवेदन 
वाराणसी - 698, प्रयागराज - 344, मऊ - 222, आजमगढ़ - 218, गोरखपुर - 133, गाजीपुर - 97, भदोही - 65, जौनपुर - 62, चंदौली - 59, महाराजगंज - 56, कौशांबी - 47, देवरिया - 39, मिर्जापुर - 38, कुशीनगर - 35, बलिया - 33, सोनभद्र - 21
 
वर्ष जाने वालों की संख्या (पूर्वांचल) 
2015 3961
2016 3720
2017 5072
2018 3540
2019 2603
2020 निरस्त (कोविड)
2021 निरस्त (कोविड)
2022 1200 (लखनऊ से)
2023 2559 (लखनऊ से)
2024 3003 (लखनऊ से)
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