ये है पूरा मामला
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज में संदीप, महिला और बच्ची के साथ ही वह भी खाना खाया। इसके बाद उसे नींद आने लगी। वह कब सो गया, उसे कब झाड़ी में फेंका गया और वह कैसे अस्पताल पहुंचा, इसके बारे में उसे कुछ भी याद नहीं है। उधर, फॉर्च्यूनर के मालिक दीपेश साव ने फोन पर पुलिस को बताया कि संदीप पांडेय ने आधार कार्ड दिखाकर वाहन की बुकिंग कराई थी। हालांकि पुलिस की जांच में आधार कार्ड फर्जी निकला। वाहन का जीपीएस सिस्टम भी राबर्ट्सगंज के बाद काम करना बंद कर दिया था।
उधर, इस संबंध में रामनगर थानाध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही दो टीम गठित कर प्रयागराज और चंदौली मार्ग के टोल प्लाजा के सीसी फुटेज को चेक कराना शुरू किया गया। पता लगा कि वाहन बिहार की ओर गया है तो वहां की पुलिस से संपर्क कर रामनगर थाने की एक टीम रवाना की गई। वाहन बरामद कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। वाहन मालिक या चालक जो भी तहरीर देगा, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गोलाघाट निवासी पूर्व सभासद ने पुलिस को दी सूचना
चालक यूनुस अचेत अवस्था में झाड़ी में पड़ा दिखा तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। किसी ने न पुलिस को सूचना दी और न एंबुलेंस बुलाई। उल्टे रामनगर क्षेत्र में हत्या की अफवाह अलग से फैल गई। उसी दौरान मौके से गुजर रहे गोलाघाट निवासी पूर्व सभासद मणि सिंह ने भीड़ लगाए लोगों को देखा तो वह रुक गए।
उन्होंने पास जाकर देखा तो यूनुस की सांस चल रही थी। इस पर उन्होंने तत्परता दिखाते हुए रामनगर थानाध्यक्ष को सूचना दी। फिर, यूनुस के पास से मिले कागज के आधार पर उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दी।