इस्लाम के पांच अरकान में कलमा, नमाज, रोजा और जकात के बाद आखिरी हज है। हाजी मोहम्मद रईस अहमद ने बताया कि उमरा मिनी हज होता है। मगर, रमजान में उमरा करने से हज के बराबर लाभ मिलता है। इससे जायरीनों में आध्यात्मिक शुद्धि होती है।
25 फीसदी युवाओं की भी बढ़ी है तादाद
पहले हज या उमरा पर 90 फीसदी बुजुर्ग ही जाते हैं। लेकिन, इधर के कुछ साल में युवाओं की तादाद बढ़ी है। हाजी वहाब अंसारी के मुताबिक अब भी जायरीन में बुजुर्ग ज्यादा हैं लेकिन युवाओं की तादाद 20 से 25 फीसदी बढ़ी है।