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Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी परिसर में दूसरे दिन का सर्वे जारी, क्या है विवाद, 10 पॉइंट में समझें पूरा मामला

Sun, 15 May 2022 11:41 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के ज्ञानवापी का सच सामने लाने के लिए अदालत के आदेश पर शनिवार से कमीशन की कार्रवाई फिर से शुरू हुई है। 
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बांसफटक से ज्ञानवापी मार्ग पूरी तरह से छावनी में तब्दील - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर और श्रृंगार गौरी को लेकर लंबी कानूनी बहस और आपत्तियों के बीच वाराणसी के सिविल जज के आदेश पर शनिवार को सर्वे का काम फिर शुरू हो गया है। पहले दिन सर्वे का काम पूरी तरह से शांतिपूर्वंक संपन्न हो गया। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक, अब तक ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में 50 फीसदी से अधिक का सर्वे हो चुका है। 17 मई को अदालत में इस मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी है।

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पिछली बार हुए हंगामे को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने मंदिर के प्रवेश द्वार से काफी पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर आवाजाही पर रोक लगा दी थी। आम श्रद्धालु और शव यात्रा के आने-जाने पर कोई रोक नहीं लगाई गई। रविवार सुबह आठ बजे से फिर से सर्वे की कार्रवाई जारी है। यदि आज कार्य पूरा हो जाता है तो ठीक नहीं तो सोमवार को भी कमिशन की कार्रवाई पूरी की जाएगी। ज्ञानवापी परिसर में क्या-क्या मिला यह तो अदालत में पेश रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। उससे पहले ये जानिए कि ये पूरा मामला आखिर क्या है। 

याचिका दाखिल करने वाली महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
  • नई दिल्ली की राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास व रेखा पाठक की ओर से 18 अगस्त 2021 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दाखिल किया गया था। इसमें कहा गया है कि भक्तों को मां शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन एवं अन्य अनुष्ठान करने की अनुमति देने के साथ ही परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों को सुरक्षित रखा जाए।
  • वाद में प्रदेश सरकार के अलावा जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया।  इस मसले पर करीब आठ महीने तक सुनवाई और दलीलें चलतीं रहीं।  इस वाद पर मौके की वस्तुस्थिति जानने के लिए सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने पिछले 9 अप्रैल को सुनवाई हुई। 
  • अदालत ने अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।  कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया था।

6 मई को ज्ञानवापी परिसर का सर्वे के खिलाफ नारेबाजी - फोटो : अमर उजाला
  • छह मई को कमीशन की कार्रवाई शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे और वीडियोग्राफी के लिए कोर्ट कमिश्नर को प्रतिवादी पक्ष ने मस्जिद बैरिकेडिंग के आगे नहीं जाने दिया। परिसर के बाहर सड़क पर काफी ज्यादा हंगामा हुआ। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के समर्थन में लोगों ने जमकर नारेबाजी की। चार घंटे बाद सर्वे करने वाली टीम लौट गई। 
  • सात मई को भी सर्वे और वीडियोग्राफी के लिए टीम पहुंची मगर काम शुरू नहीं हो सका। कोर्ट कमिश्नर और वादी पक्ष के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद पहुंचे मस्जिद कमेटी पक्ष के अधिवक्ताओं ने सर्वे का विरोध किया। 
  • सात मई को ही अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कर दी। वहीं वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग के अंदर तहखाने समेत अन्य उल्लिखित स्थलों का निरीक्षण करने का स्पष्ट आदेश देने की अपील की गई। 
  • नौ मई को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में सुनवाई हुई।  ज्ञानवापी परिसर में शृंगार गौरी के साथ विग्रहों के सर्वे और वीडियोग्राफी के मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान वादी पक्ष अधिवक्ता आयुक्त के पक्ष में अड़ा रहा। वादियों ने ज्ञानवापी मस्जिद समेत बैरिकेडिंग के अंदर तहखाने का ताला तोड़कर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने की मांग की। 

काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर तैनात पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
  • 10 मई को ज्ञानवापी स्थित शृंगार गौरी व अन्य विग्रहों के सर्वे और अधिवक्ता आयुक्त को हटाने के मामले में  न्यायालय में दोनों पक्ष के वकीलों ने दलीलें पेश कीं। हालांकि लंबी बहस के बाद भी कोई निर्णय नहीं हो पाया।  
  • 11 मई को सभी पक्षों की बहस  पूरी हो गई। अदालत ने दो घंटे तक चली बहस को सुनने के बाद आदेश के लिए 12 मई की तिथि तय कर दी। जिसके बाद सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर जा टिकी। 
  • 12 मई को ज्ञानवापी परिसर के सर्वे मामले में चली बहस के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। परिसर के तहखाने तक वीडियोग्राफी व सर्वे कराने संबंधी आवेदन को अदालत ने स्वीकार किया। ताला खोलकर या तोड़कर जैसे भी हो, पूरे परिसर के सर्वे की कार्यवाही पूरी करवाने का आदेश दिया। सर्वे की कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की। 14 मई से सर्वे की कार्रवाई शुरू हुई। 
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मनाही के बावजूद मीडिया में बात करने वालों पर होगी कार्रवाई

ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले में नियुक्त विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में शनिवार को सभी पक्षकारों और पुलिस प्रशासन के सहयोग से संतोषजनक व शांतिपूर्ण कार्यवाही हुई। उन्होंने दावा किया लगभग 60 फीसदी सर्वे का काम हो गया है। कमीशन की टीम में शामिल लोगों को मीडिया में बाइट देने से मना किया गया था फिर भी कुछ ने बात की। इन सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
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