न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दे दिया है, मगर सीआरपीएफ को पार्टी नहीं बनाया है। ऐसे में सीआरपीएफ को पत्र भेजकर कमीशन की कार्यवाही की जानकारी व सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।
दो दिन की बहस के बाद आया फैसला
ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी व अन्य विग्रह की स्थिति जानने के लिए तहखाने तक सर्वे की मांग को लेकर वादी के आवेदन पर प्रतिवादी पक्ष ने आपत्ति करते हुए अधिवक्ता आयुक्त पर पक्षपातपूर्ण कार्यवाही का आरोप लगाया था। इस मामले में दो दिन तक चली लंबी बहस के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया। शुक्रवार को अधिवक्ता आयुक्त की ओर से दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद शनिवार की सुबह आठ बजे से कमीशन की कार्यवाही शुरू होगी। बताया जा रहा है कि आज केवल कागजी कार्यवाही होगी, सर्वे का काम कल से शुरू हो सकता है।
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अदालत के आदेश के बाद बयान दिया कि यह खुला उल्लंघन है। मसाजिद कमेटी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने एक बाबरी मस्जिद खो दी है और दूसरी मस्जिद नहीं खोना चाहता। उन्होंने कहा कि योगी सरकार को उन लोगों के खिलाफ तुरंत केस दर्ज करना चाहिए जो धार्मिक स्थलों की प्रकृति को बदलने की कोशिश करते हैं। अगर अदालत उन्हें दोषी पाती है तो उन्हें तीन साल की जेल हो सकती है।
नफरत व अलगाव धर्म का मार्ग नहीं: यतींद्रानंद गिरी
न्यायालय के आदेश का जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने स्वागत किया है। इसके साथ ही मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के सरकार के निर्णय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि धर्म इंसानियत मानवता का मार्ग बताता है।
नफरत अलगाव की बात करने वाला धर्म का मार्ग नहीं हो सकता। इस निर्णय का सभी को स्वागत करना चाहिए और सहयोग भी करना चाहिए। हम जब सत्य की राह पर चलेंगे तभी अमन शांति सद्भाव कायम हो सकता है। हिंदू और मुसलमान दोनों समुदायों को इसी देश के अंदर रहना है। ऐसे में सद्भाव और भाईचारा ही धर्म की राह दिखाता है।