पेज 25 से 77 तक इस गजेटियर में वाराणसी का इतिहास दर्ज है। पेज संख्या 57 पर साफ-साफ कहा गया है कि नौ अप्रैल 1669 को औरंगजेब ने अपने प्रादेशिक गवर्नर को फरमान जारी किया कि काशी के मंदिरों व संस्कृत स्कूल को नष्ट कर दें। फरमान पर काशी विश्वनाथ मंदिर और बिंदु माधव के मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत परिवार के मुखिया डॉ. कुलपति तिवारी के मुताबिक, 1669 में औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर का एक हिस्सा तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद बनवाई थी। इसके पहले 14वीं सदी में जौनपुर के शर्की सुल्तान ने मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद का निर्माण कराया था।
इसके बाद मुगल बादशाह अकबर ने 1585 में विश्वनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था। अकबर के वित्तमंत्री टोडरमल द्वारा पं. नारायण भट्ट के सहयोग से मंदिर में पन्ने का शिवलिंग स्थापित कराया था। शिवलिंग का ऊपरी हिस्सा औरंगजेब के आक्रमण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था।
शिवलिंग को बचाने के लिए महंत परिवार के मुखिया शिवलिंग को लेकर ज्ञानवापी कूप में कूद गए थे। अहिल्याबाई होल्कर द्वारा पुनर्निर्माण के बाद 1839 में पंजाब के महाराजा रणजीत ने सोना दान किया, जिससे मंदिर के शिखर को स्वर्णमंडित कराया गया।
ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान बाहर पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। गोदौलिया से विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर चार और मैदागिन जाने वाले रास्ते पर सभी दुकानें भी बंद रही। इधर से जाने वाले लोगों पर पुलिस की कड़ी नजर रही। पुलिस और पीएसी की टीम पैदल मार्च करती रही।
सोमवार को बैशाख पूर्णिमा की वजह से काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन, पूजन करने वालों की भीड़ भी रही। दोपहर 12 बजे तक गेट नंबर चार से किसी को अंदर दाखिला नहीं मिला। जब सर्वे की कार्रवाई पूरी हो गई, उसके बाद ही लोगों को गेट से मंदिर परिसर में जाने की इजाजत मिली। अन्य दिनों की तुलना में सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
मस्जिद में सोमवार की सुबह सर्वे टीम के जाने के समय बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे, वहीं अंदर भी पुलिस, पीएसी के जवान भी बॉडी प्रोटक्टर के साथ तैनात रहे। उधर बजरडीहा, शिवाला, रेवड़ी तालाब, सोनारपुरा क्रासिंग आदि जगहों पर पुलिस, पीएसी के जवानों ने पैदल मार्च किया। इस दौरान लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।
पढ़ें: अदालत ने प्रतिवादियों से तलब कीं आपत्तियां, कई मांगों पर आज भी होगी सुनवाई