जिसमें कहा है कि ज्ञानवापी मामला अदालत में है। वजू खाना और शौचालय सील हो जाने से नमाज के लिए आ रहे लोगों को दिक्कत हो रही है। शुक्रवार को नमाजियों की तादाद ज्यादा रहती है इसलिए ये दिक्कत ज्यादा पेश आएगी। इस वजह से अपील जाती है कि बड़ी तादाद में लोग आज ज्ञानवापी मस्जिद आने से परहेज करें। हर बार की तरह इस बार भी जुमा की नमाज अपने मुहल्ले में अदा करें। साथ ही ये भी कहा गया कि मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए आने वाले लोग घर से ही वजू कर के आएं।
ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजी मस्जिद में ही नमाज से पहले वजू कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से वजू करने के लिए यहां दो बड़े ड्रम और 50 लोटे के इंतजाम किए गए हैं। धर्मगुरुओं के साथ बैठक में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इसकी जानकारी दी।
नमाज के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी से जुड़े लोगों, धर्मगुरुओं संग बैठक कर सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। डीएम ने बताया कि बताया कि इंतेजामिया कमेटी को पत्र जारी कर यह भी कहा गया है कि सील स्थल के सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी भी है। ऐसे में किसी तरह का कोई भड़काऊ भाषण भी न दिया जाए।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव और ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाले एमएस यासीन का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी। कानूनी प्रक्रिया चलती रहेगी। हम रिपोर्ट में देखेंगे कि क्या है। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जहां भी उचित होगा, वहां जाएंगे। हम मस्जिद के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। यहां से अपील खारिज होगी तो आगे तक जाएंगे। यह काशी की जामा मस्जिद है। यही कारण है कि यहां मुफ्ती ए शहर नमाज अदा कराते हैं।