ज्ञानवापी परिसर के बाहर हिंदू पक्ष की महिलाएं और उनके अधिवक्ता
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सर्वे के बाद ज्ञानवापी परिसर से बाहर आए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने मुस्लिम पक्ष पर असहयोग का आरोप लगाया। राखी सिंह के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने कहा कि मुस्लिम पक्ष इमारत का ताला ही खोलने को तैयार नहीं हो रहा था। मुस्लिम पक्ष मामले को लटकाना चाहता है, इसीलिए सर्वे का बहिष्कार किया। मुस्लिम पक्ष समस्या का समाधान नहीं चाहता है। एएसआई सर्वे से सच सामने आ जाएगा। पता चल जाएगा कि ज्ञानवापी मस्जिद है या मंदिर...। सर्वे में बाधा डालना समाज और न्यायहित में नहीं है। मुस्लिम पक्ष को जिद छोड़कर समाधान के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
काशी विश्वनाथ धाम के बाहर तैनात फोर्स
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एएसआई के सर्वे को लेकर ज्ञानवापी परिसर के आसपास के इलाके में सोमवार की सुबह से ही गहमागहमी रही। सावन के तीसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने आए लोग ज्ञानवापी परिसर में सर्वे की बात जानकर हर-हर महादेव का उद्घोष करने लगे। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और डीएम एस. राजलिंगम के साथ ही पुलिस-प्रशासन के आला अफसर श्री काशी विश्वनाथ धाम में मौजूद थे। डीसीपी सुरक्षा सूर्यकांत त्रिपाठी और एडीएम प्रोटोकॉल बच्चू सिंह एएसआई की टीम के साथ ज्ञानवापी परिसर में थे।
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने सील वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कर रिपोर्ट चार अगस्त तक देने का आदेश एएसआई को बीते 21 जुलाई को दिया था। इसी क्रम में लखनऊ, आगरा, दिल्ली, पटना और वाराणसी से एएसआई की 43 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम सोमवार की सुबह 6:30 बजे श्री काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 पर पहुंची। सात बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक टीम ज्ञानवापी परिसर में रही।