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Gyanvapi Case: कोर्ट ने सर्वे टीम को रिपोर्ट फाइल करने के लिए दिया दो दिन का समय, कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्र हटाए गए

Tue, 17 May 2022 03:02 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह के आवेदन पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने दोनों आयुक्तों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने की अदालत की पुष्टि के बाद विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह ने न्यायालय में आवेदन देकर बताया है कि अभी सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है इसलिए रिपोर्ट पेश करने के लिए उन्हें दो दिन का और समय दिया जाए।

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सर्वे टीम को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो दिन की मोहलत
बड़ी खबर ये है कि अजय कुमार मिश्र को कोर्ट कमीशन से हटा दिया गया है। गैरजिम्मेदाराना कृत्य और सहयोग न करने का आरोप में उनको हटाया गया है। बाकी दोनों कमिश्नरों को दो दिन की मोहलत मिली है। वहीं दीवार गिराने वाली अर्जी पर कल फैसला होगा। तालाब से मछली हटाने पर भी कल निर्णय आएगा। इसके साथ ही सर्वे टीम को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो दिन की मोहलत मिल गई है।

ऐसे मामलों को भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा भड़काया जा रहा
ज्ञानवापी मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि ज्ञानवापी जैसी घटनाओं को जानबूझकर भाजपा द्वारा या उनके सहयोगियों द्वारा भड़काया जा रहा है। ईंधन और खाद्य सुविधाएं महंगी हो रही हैं। महंगाई और बेरोजगारी पर उनके पास जवाब नहीं है। चुनाव तक ऐसे मुद्दों को उठाने के लिए भाजपा के पास नफरत वाला कैलेंडर। जब हम ऐसी बहसों में फंस जाते हैं तो ये भी पता नहीं चल पाता कि देश की कौन सी संपत्ति बिक गई। भाजपा ने 'वन नेशन वन राशन' का नारा था लेकिन लगता है 'वन नेशन वन बिजनेसमैन' के लिए काम कर रहे हैं।
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हिंदू पक्ष की ओर से पूर्व दिशा का दरवाजा खोलने की भी रखी गई मांग
अदालत में जब सर्वे कमीशन की रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगने वाले आवेदन पर दोबारा सुनवाई शुरू हुई तो हिंदू पक्ष के वकीलों ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने के ठीक नीचे मौजूद शिवलिंग तक पहुंचने के लिए पूरब दिशा में एक दरवाजा है लेकिन वहां काफी मलबा पड़ा है, जिसे हटाना चाहिए। वहीं अधिवक्ता कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने अदालत से कहा कि मुझे दीवार खरोंचने का अधिकार नहीं है। साथ ही उन्होंने एक वीडियोग्राफी करने वाले शख्स द्वारा मीडिया से बात करने और मामले के दोनों पक्षकारों द्वारा मीडिया में बयान दिए जाने पर भी आपत्ति जताई है।

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गौरतलब है कि विशाल सिंह ने सोमवार को भी आवेदन देकर अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्रा और सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह पर कमीशन की कार्रवाई में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नियत तिथि 17 मई को कमीशन की रिपोर्ट देने में असमर्थता भी जताई है। उनके आवेदन पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने दोनों आयुक्तों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।

सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने 12 मई को अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्र के सहयोग के लिए विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह और सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह को नियुक्त किया है। इसके बाद 14 मई से कमीशन की कार्रवाई शुरू हुई और 16 मई को पूरी हुई है।

इस दौरान ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने के बाद अदालत ने उस परिसर को सील करने का आदेश दे दिया। ऐसे में माना जा रहा था कि कमीशन की रिपोर्ट मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत होगी। मगर, विशेष अधिवक्ता आयुक्त के आवेदन के बाद कमीशन की रिपोर्ट के लिए इंतजार और बढ़ गया है। उधर, दोनों अधिवक्ता आयुक्तों के जवाब पर भी लोगों की निगाहें हैं।
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