मीडिया से बात करते वाराणसी डीएम
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यहां बता दें कि गुरुवार को अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए नए सिरे से सर्वे के आदेश दिया है। 17 मई को अदालत में इस मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी है। ऐसे में शनिवार से शुरू होने वाली सर्वे की कार्यवाही 16 मई तक हर दिन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगी।
सर्वे की कार्यवाही से पहले प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा पुख्ता करते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसमें खुफिया विभाग सहित पुलिस को अलर्ट किया गया है। दरअसल, अदालत ने अपने आदेश में ही कहा है कि कमीशन की कार्यवाही में अवरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई करें। ऐसे में सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
ज्ञानवापी में जुमे की नमाज के लिए उमड़ी नमाजियों की भीड़
जुमे की नमाज के लिए शुक्रवार को ज्ञानवापी में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस प्रशासन ने इस दौरान ज्ञानवापी परिसर के साथ ही बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था के सख्त इंतजाम किए थे। नमाज से दो घंटा पहले से ही नमाजियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। परिसर में भीड़ बढ़ जाने के बाद कुछ नमाजियों को वापस भी लौटना पड़ा।
अदालत के आदेश के बाद बाद अधिवक्ता आयुक्त ने कमीशन की कार्यवाही को 17 मई से पहले पूरा करने का दावा किया है। ऐसे में चार से पांच दिन की कमीशन की कार्यवाही में ज्ञानवापी परिसर की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के जरिए रिपोर्ट तैयार होगी।
परिसर के तहखाने तक वीडियोग्राफी व सर्वेकराने संबंधी आवेदन को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। पुलिस आयुक्त व जिलाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए अदालत ने आदेश दिया है कि कि ताला खोलकर या तोड़कर जैसे भी हो, पूरे परिसर के सर्वे की कार्यवाही पूरी करवाएं। सर्वे की कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की गई है।
अदालत ने तीन एडवोकेट कमिश्नर बनाए
एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र को हटाने की मांग को खारिज करते हुए अदालत ने आदेश दिया है कि किसी कीमत पर सर्वे की कार्यवाही नहीं रुकेगी। एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र को आगे का सर्वे जारी रखने का आदेश देते हुए उनके सहयोग के लिए विशेष सर्वे अधिवक्ता के रूप में अजय प्रताप सिंह और विशाल सिंह को तैनात किया गया है। इनमें किसी भी अधिवक्ता की गैरमौजूदगी में काम नहीं रुकेगा।
यह है पूरा मामला
वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग के अंदर तहखाने समेत अन्य उल्लिखित स्थलों का निरीक्षण करने का स्पष्ट आदेश देने की अपील की गई थी। वहीं, प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने अधिवक्ता आयुक्त को बदलने की मांग की थी।
श्रृंगार गौरी के रोजाना दर्शन पूजन की मांग को लेकर पांच महिलाओं की ओर से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को अदालत ने अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
छह मई को कमीशन की कार्यवाही शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। सात मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कर दी। इस प्रार्थना पत्र पर तीन दिन से अदालत में सुनवाई चल रही थी। फैसले के बाद अब शनिवार से कमीशन की कार्यवाही शुरू होगी।