हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन
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जिला जज के आदेश के बाद हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने इसे सत्य की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, अब हम आर्कियोलॉजिकल सर्वे की मांग करेंगे। कमीशन की कार्यवाही में काफी हद तक स्थिति साफ हो चुकी है। हम ज्ञानवापी की सच्चाई सामने लाने के लिए सभी तथ्यों को अदालत में रखेंगे। आगे भी हमारी जीत निश्चित है।
वाराणसी कोर्ट परिसर के बाहर जश्न मनाते हिंदू पक्ष के लोग
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ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी विवाद में पोषणीयता के मामले में वाराणसी के जिला जज एके विश्वेश की अदालत में बीते 24 अगस्त को सुनवाई पूरी हुई थी। सिविल के अभी तक के मामलों में पोषणीयता के मुकदमे में सबसे लंबी सुनवाई हुई है। इस मामले में रूल 7/11 लागू होगा या रूल 6/11 लागू होगा, इसी बात की मुख्य बहस पर 21 दिन की सुनवाई हुई।
यूं तो काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर छह से ज्यादा मुकदमे अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं। हालांकि यह मामला बेहद खास है क्योंकि तत्कालीन सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने इसी मामले पर कमीशन के आदेश जारी किए थे। इसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद के पूरे परिसर की कमीशन की कार्यवाही की गई थी।
इसी कमीशन की कार्यवाही के दौरान मस्जिद के बजूखाने में शिवलिंग के होने का दावा किया गया। हालांकि मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया था। विवाद इतना बढ़ा की इस कमीशन की कार्यवाही के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला अदालत में सुनवाई हुई। सोमवार को हिंदू पक्ष के हक में फैसला आया।