अदालत से विपक्षी के आपत्ति दाखिल करने तक मौजूदा शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया गया है। ताकि भगवान को एक दिन भी भूखा न रखा जा सके। अदालत में यह आवेदन बीते वर्ष पांच अगस्त को दिया गया था। वादी के अधिवक्ता रमेश उपाध्याय की ओर से कहा गया कि पांच माह से अधिक अवधि आपत्ति दाखिल करने के लिए बीत गई है।
फिर भी विपक्षी ने आवेदन देकर आपत्ति हेतु समय दिए जाने की कोर्ट से मांग की है, जो विधि के खिलाफ है। ऐसे इस आवेदन का निस्तारण किया जाना आवश्यक है। अदालत ने वादी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली आदेश के लिए सुरक्षित कर ली है।