उन्हें और उनके परिवार को हिंदू समाज में लगातार गद्दार घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञानवापी परिसर से संबंधित मुख्य मुकदमा भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान सहित अन्य मुकदमों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह ऐसे मुकदमे थे, जिनसे ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को प्राप्त हो सकता था। इन घटनाओं से वह मानसिक दबाव में हैं। अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
उधर, इस संबंध में बात करने पर विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि मैं दिल्ली में हूं और हमारी बेटी राखी सिंह हमारे ही पास है। उसे समझाने का प्रयास किया जा रहा है।