वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में अब सुबह-शाम टहलने वालों को मासिक शुल्क नहीं देना होगा। जनता के विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। दो दिन बाद ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने 500 रुपये मासिक शुल्क लगाने का फैसला वापस ले लिया।
हालांकि टहलने वालों को परिचय पत्र बनवाने की अनिवार्यता लागू रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सुबह-शाम परिसर में टहलने के लिए 500 रुपये मासिक शुल्क और 250 रुपये शुल्क फोटोयुक्त पहचान पत्र बनवाने के लिए लगाया था।
इस फैसले का निर्देश छह जून को जारी किया गया था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। जनप्रतिनिधियों के साथ ही काशी की जनता ने भी 500 रुपये मासिक शुल्क को गलत ठहराया। बुधवार को परिसर में सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों की संख्या कम रही। तमाम लोग विश्वविद्यालय के गेट पर आए, लेकिन शुल्क लगने की बात सुनकर लौट गए।
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