अदालत में एक अन्य पक्षकार हरिहर पांडेय की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप पांडेय ने वकालतनामा दाखिल किया। अदालत में सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से दाखिल निगरानी याचिका विचारार्थ जहां स्वीकार कर ली गई है, वही अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से दाखिल निगरानी याचिका सुनवाई के लिए पोषणीय है या नहीं, अभी इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है।
अदालत में अप्रैल 2021 में पुरातात्विक सर्वेक्षण रडार तकनीक से कराने के साथ पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम की देखरेख में सर्वे कराने के आदेश को कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के बाहर का बताते हुए चुनौती दी गई है। साथ ही निगरानी याचिका निस्तारित होने तक सर्वे के आदेश को स्थगित करने का अनुरोध किया गया है। अब इन मुद्दों पर 27 जुलाई को सुनवाई के लिए प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत ने तिथि नियत कर दी।