इसके बाद पिता पारसनाथ, बहन पूनम व भाई अरविंद वहां पहुंचे और तत्काल अजीत को जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी जाते समय गाजीपुर में उसकी मौत हो गई तो परिजन वापस लौट आए।
अजीत के पिता पारसनाथ ने बताया कि उसका किसी से विवाद नहीं था। वह प्रतिदिन की तरह खाना खाकर बहादुरपुर स्थित अंडे की दुकान पर सोने जा रहा था, तभी हत्यारों ने गोली मार दी। उन्होंने बताया कि अजीत की पत्नी कंचन की मौत बेटी सोनी के जन्म के साथ ही हो गई थी। अरविंद की अभी शादी नहीं हुई है।