काशी के पर्यावरण के लिए अच्छी खबर है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष जिले के 17.10 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले जंगल की हरियाली में 0.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हरियाली के इस प्रतिशत को और बढ़ाने के लिए इस वर्ष 20 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
वनाधिकारी महावीर कौजलगी ने बताया कि जिले में तमाम निर्माण और विकास कार्यों के बावजूद पौधों को लगाने के अभियान का परिणाम है कि जिले के 1535 वर्ग किलोमीटर कुल क्षेत्रफल के 17.10 किलोमीटर में फैले जंगल में हरियाली में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2019 में 17.1 प्रतिशत के मुकाबले वर्ष 2021 में 0.81 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। 2021-22 में कुल 27 विभागों के सहयोग से 17 लाख से अधिक पौधे लगाए थे। इस वर्ष 20 लाख 77 हजार 618 पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसमें वन विभाग की ओर से छह लाख 59 हजार 358 पौधे लगाए जाएंगे। जुलाई से इन पौधों लगाने काम शुरू किया जाएगा।
यहां लगाए गए सर्वाधिक पौधे
काशी में हरियाली बढ़ाने के लिए पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत गंगा किनारे, किसानों के खेतों के मेढ़ों पर, वरुणा नदी के किनारे, शहरी क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों की सड़क के किनारे लाखों पौधे लगाए गए। इसके अलावा मियावाकी पद्धति के तहत सीमित क्षेत्र में डोमरी, बीएचयू और मलदहिया स्थित जीजीआईसी विद्यालय में हजारों पौधे लगाए गए।
बोले पर्यावरण विशेषज्ञ
काशी की हरियाली में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन इससे पर्यावरण में मौजूद ऑक्सीजन में कितनी वृद्धि हुई है, इसका अंदाजा अभी नहीं लगाया जा सकता। पीपल, बरगद, पाकड़ जैसे पौधों अधिक ऑक्सीजन छोड़ते हैं। -डॉ. राजीव प्रताप सिंह, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, बीएचयू