नए शैक्षिक सत्र के साथ प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में आवश्यक ग्रांट देने की तैयारी चल रही है। हालांकि, पहले किस स्कूल में क्या कमी है, इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षाधिकारी से मांगी गई है। जो स्कूल रिपोर्ट देंगे उन्हें ग्रांट मिलेगी।
राज्य परियोजना निदेशालय ने कंपोजिट ग्रांट में मिल रहीं गड़बड़ियों को देख सभी जिलों के बीएसए को निर्देश दिए हैं। निदेशालय ने पत्र जारी कर स्कूलों से दस बिंदुओं पर आवश्यक रिपोर्ट कार्ड तैयार कराने को कहा है। स्कूलों की सुविधाओं के साथ वहां किस चीज की कमी है इसका ब्योरा देना होगा। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि नए सत्र में कंपोजिट ग्रांट उन्हीं स्कूलों को मिलेगा जो रिपोर्ट देते हुए डिमांड उपलब्ध कराएंगे।
पिछली राशि काम पर करनी होगी खर्च
वहीं, सभी स्कूलों को वित्तीय वर्ष 2021-22 की धनराशि खर्च करने के लिए कहा गया है। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्कूलों की हैंडवॉश यूनिट ठीक कराएं। पानी की सप्लाई, टंकी और शौचालय की सफाई, कक्षाओं में गेट पर डबल ताले, जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास हैं वहां लोहे के गेट लगवाएं।
कब मिलीं गड़बड़ियां
2020 में प्रदेशस्तरीय जांच टीम ने 25 विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट के उपयोग में गड़बड़ी पकड़ी थी। कई प्रधानाध्यापकों के खिलाफ निलंबन और वेतन रोकनेे की कार्रवाई भी हो चुकी है।
2021-22 में भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह के निरीक्षण में कई स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। जिसको लेकर जांच चल रही है।