Varanasi News: आरोपियों की पहचान सेंट्रल दिल्ली के रेघरपुरा, करोलबाग के तापस मिद्या और पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के फतेबर के आशीष राणा के रूप में हुई है। दोनों को शनिवार को स्पेशल सीजेएम की अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की वाराणसी यूनिट ने बनारस रेलवे स्टेशन से दो तस्करों को 2.386 ग्राम विदेशी सोने के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद सोने की कीमत एक करोड़ 63 लाख 81 हजार 91 रुपये है।
विज्ञापन
डीआरआई की वाराणसी इकाई को खुफिया जानकारी मिली थी कि न्यू दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कोच बी-5 की सीट 45 और 46 पर सवार दो तस्कर बनारस रेलवे स्टेशन से सोने की खेप दिल्ली ले जाएंगे। शुक्रवार रात ट्रेन बनारस रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए प्रस्थान करने वाली थी।
उससे पहले डीआरआई की टीम ने घेराबंदी कर दोनों तस्करों को सीट से पकड़ लिया। दोनों की तलाशी ली गई तो उनकी कमर में बंधे कपड़े के अंदर से सोने की पट्टियां और जेवर बरामद हुए। पूछताछ में बताया कि बरामद सोना बांग्लादेश से तस्करी कर पश्चिम बंगाल के रास्ते वाराणसी तक लाया गया है।
विज्ञापन
चंदू ने दिल्ली ले जाने के लिए दिया था सोना
तापस और आशीष ने डीआरआई की पूछताछ में बताया कि वो दिल्ली निवासी आभूषण व्यापारी प्रशांत हनरा के लिए वाराणसी से सोना ले जा रहे थे। वाराणसी में उन्हें सोना व्यापारी चंदू ने दिया था। चंदू की हनी ज्वेलरी नाम से वाराणसी में आभूषण की दुकान है और उसका मालिक प्रशांत हनरा है।
दोनों ने कहा कि वह पैसे के लालच में सोने की खेप दिल्ली पहुंचाने के लिए तैयार हुए थे। अगर वह सोना सकुशल पहुंचा देते तो उन्हें आने-जाने के खर्च के अलावा लगभग एक लाख की बचत हो जाती।