रंग-बिरंगे फूलों आैर झालरों की लतर से शुक्रवार की शाम संत रविदास मंदिर सज-संवर गया। मंदिर के स्वर्ण शिखर से लेकर दीवारों तक टिमटिमाती झालरों की रोशनी से समूचे मेला क्षेत्र में एक अलग ही रौनक उतर आई।
बीएचयू की चहारदीवारी से लेकर मंदिर मार्ग की दीवारों पर संत रविदास के जीवन पर आधारित पेंटिंग भी तैयार हो गई हैं।
जिस रास्ते की दीवारों पर ये पेंटिंग बनाई गई हैं, उसी से होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला माघी पूर्णिमा के दिन गुजरेगा। उधर, मेला क्षेत्र में झूले, चर्खियों को भी लगा दिया गया।
इसी के साथ गुरु दरबार में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगने लगीं हैं। सीर गोवर्धन में माघी पूर्णिमा के उत्सव को यादगार बनाने के लिए संत रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने ताकत झोंक दी है।
पुजारी मंदीप दास की मौजूदगी में तैयारियों को मूर्त रूप देने के लिए शुक्रवार को ट्रस्ट बोर्ड की तीन दौर की बैठकें हुईं। इसमें मंदिर की सजावट से लेकर सेवादारों की तैनाती और लंगर की समीक्षा के साथ ही इस बार अनुमान से अधिक आ रही भीड़ को ठहराए जाने के उपायों पर चर्चा हुई।
शिविर प्रबंधन का काम देख रहे केएल सरोवा और निरंजन दास चीमा ने सुझाव दिया कि अतिरिक्त टेंट लगाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए मुख्य पंडाल वाले इलाके में जरूरत पड़ने पर नए टेंट लगाए जाएंगे।