शहर में बुनियादी सुविधाओं के बेपटरी होने से नागरिकों दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कूड़ा-कचरा ही नहीं सीवेज भी बड़ी समस्या है।
कूड़े का तो नियमित उठान हो नहीं पा रहा, ऊपर से सड़कों और गलियों पर बहता सीवर का पानी लोगों के लिए परेशानी बन गया है। शहर के कई इलाकों में सीवेज उफना रहा है लेकिन इसका कोई ठोस निदान नहीं हो पा रहा।
शहर के ककरमत्ता, शिवाला और दालमंडी इलाके में कई दिनों से सीवेज सड़क पर बह रहा है लेकिन नगर निगम को कोई फिक्र नही है।
ककरमत्ता फ्लाईओवर से नीचे उतरते ही मंडुवाडीह की ओर कई दिनाें से लगातार सीवर सड़क और रेलवे लाइन के बीच बह रहा है। सड़क पर सीवर का पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
रेलवे लाइन की पटरी पर लोग फिसल कर चुटहिल हो रहे हैं। इसी तरह दालमंडी तिराहे पर भी सीवर सुबह-शाम बह रहा है। कूड़ा निस्तारण की तरह सीवेज की भी नगर निगम के पास अभी कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
शिवाला इलाके में भी सड़क पर सीवर बह रहा है। इसी के बीच से लोग निकल रहे हैं। शहर में रोजाना तीन सौ मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) सीवेज निकलता है।
अब भी आठ बड़े नालों से सीवेज गंगा और वरुणा नदी में सीधे गिर रहा है। शहर की वर्षों पुरानी सीवेज पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिसके चलते जगह-जगह लीकेज से सड़कों, गलियों में सीवेज बहता रहता है।
नियमित सफाई न होना भी बड़ी वजह है। इसका खामियाजा शहरियों को भुगतना पड़ रहा है।