अस्पतालों में चलने वाले किशोर परामर्श स्वास्थ्य केंद्रों पर किशोर, किशोरियों को बेहतर स्वास्थ्य की जानकारी दी जा रही है। खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा और जिला महिला अस्पताल में विशेष रूप से मानसिक, शारीरिक और सामाजिक परिवर्तनों पर काउंसिलिंग की जाती है। 9 से 19 साल तक के किशोर, किशोरियों को अच्छी सेहत के बारे में प्रेरित किया जाता है। एडिशनल सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि पोषण किशोरावस्था में वृद्धि एवं विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 29 फीसदी किशोरों एवं 54 फीसदी किशोरियों में आयरन की कमी और एनीमिया रोग मिलता है।
परामर्शदाता शुभम श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 25 किशोरों को परामर्श दिया जाता है। सितंबर में 486, अक्तूबर में 587 और नवंबर में 416 किशोरों को परामर्श दिया गया। इनमें कुपोषण जैसे लक्षण मिल रहे हैं। जैसे भूख की कमी, खाना खाने या पीने में अरुचि, थकान और चिड़चिड़ापन आदि। जिला महिला चिकित्सालय के किशोरी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र की परामर्शदाता सारिका चौरसिया ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन 15 से 20 किशोरियों को परामर्श दिया जाता है। इस वर्ष सितंबर में 472, अक्तूबर में 420 तथा नवंबर में 445 किशोरियों को परामर्श दिया गया था। सभी को बेहतर खानपान की सलाह दी जा रही है।