मौके पर पहुंची रोहनिया पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। तब तक एसपी ग्रामीण अमित वर्मा, एएसपी ग्रामीण नीरज पांडेय पहुंचे, इस दौरान फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। फारेंसिक टीम ने छात्रा के बैग और आसपास बिखरे कपड़े अन्य चीजों को समेटते हुए साक्ष्य संकलन किया। पुलिकर्मियों व ग्रामीणों ने शव को देख आशंका जताई कि दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या करके शव यहां फेंका गया होगा।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने छात्रा की शिनाख्त करते हुए मामले की तफ्तीश के लिए पांच टीमें गठित कीं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि युवती की हत्या की गई है, दुष्कर्म की बात अभी नहीं कह सकते। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
लंका थाना क्षेत्र हाईवे से सटे एक गांव रहने वाली छात्रा रोहनिया स्थित एक मैनेजमेंट कालेज की छात्रा थी। बृहस्पतिवार को सुबह घर से कालेज के लिए निकली और दोपहर बाद तक घर नहीं लौटी और मोबाइल बंद मिलने से परेशान परिजन खोजबीन में जुट गए।
लंका थाने से लेकर डाफी पुलिस चौकी तक परिजनों ने दौड़ भाग की और गुमशुदगी दर्ज कराते हुए पुलिस से गुहार भी लगाई। सूचना पाकर रोहनिया थाने पहुंचे परिजनों ने लंका थाने की पुलिस पर आरोप लगाया कि गुमशुदगी दर्ज कराने की गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने तेजी नहीं दिखाई।
सीओ सदर डॉ. चारू द्विवेदी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और रोहनिया थाने सहित पुलिस की पांच टीमें हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए लगाई गई हैं। युवती के मोबाइल डिटेल और दोस्तों से पूछताछ पुलिस ने शुरू कर दी। वहीं घर से लेकर कॉलेज के बीच लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
यह देखा जा रहा है कि छात्रा किसी के साथ कालेज गई थी या फिर अकेले। एक टीम कॉलेज भी धमकी और सीसी फुटेज को खंगालना शुरू किया। रात होने के कारण हाइवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को बहुत मदद नहीं मिल पाई।